योग

Yoga in Hindi | योग का अर्थ, प्रकार, और फायदे

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एशिया का एक देश भारत को अपनी अलग पहचान रखता है | इस देश ने विश्व पटल पर अपने आप  को हमेशा साबित किया है | हमारे देश भारत ने इस संसार को बहुत कुछ दिया है और अलौकिक शक्ति क्या है? अध्यात्मवाद क्या है? योग दर्शन क्या है ? इन सभी प्रश्नों का उत्तर देने वाला देश हमारा भारत है | यदि आप किसी गवर्मेंट एग्जाम की तैयारी कर रहे हैंतो  यह वेबसाइट Hindigk guruआपके लिए बहुत ही सहायक होगी |

योग का अर्थ क्या है?

आज चारों ओर  योग की चर्चा हो रही है योग शब्द संस्कृत भाषा के शब्द युज से लिया गया है जिसका अर्थ होता है जोड़ना |  अर्थात् शरीर को अध्यात्म से जोड़ना |
सीधे शब्दों में कहा जाए तो शरीर मन और भावनाओं का परस्पर तालमेल | जो कि एक खुशहाल एवं निरोगी जीवन का आधारशिला है | हमारे देश के प्राचीन धर्म ग्रंथों में योग का वर्णन किया गया है| धर्म ग्रंथ वेदों में योग की शक्तियों को मोक्ष प्राप्ति का साधन बताया गया है |

इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि हमारे अधिकांश प्राचीन काल की मूर्तियां योग मुद्रा में बनी हुई है| वही हमारे प्राचीन साधु -संत ,ऋषि- मुनि जो इतनी बुद्धिमान शक्तिशाली थे | उनके पास योग की शक्ति थी | यह ऋषि मुनि इतने ज्ञानी थे कि ग्रह नक्षत्र विज्ञान का अध्ययन कर धरती पर बैठकर ही धरती और चंद्रमा के बीच की दूरी बता देते थे  और जब आज के आधुनिक विज्ञान टेक्नोलॉजी द्वारा धरती और चंद्रमा की दूरी नापी गई तो यह दोनों दूरियां एक सामान पाई गई |

शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जीवन में योग को अपनाना जरूरी है क्योंकि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है |

योग प्रतिपादन

योग के प्रतिपादक महर्षि पतंजलि को माना जाता है |

वर्तमान समय में जब मनुष्य का जीवन असंतुलित हो गया है लोगों की भागदौड़ भरी जिंदगी से सुकून छिन सा गया है | लोग तनाव तथा कई प्रकार के मानसिक बीमारियों से  घिरे है | योग प्रशिक्षण तनाव दूर करने तथा मानसिक शांति के लिए योग को सहायक पाया गया है  |

सन 2014 में भारत के प्रयासों से प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली |
21 जून को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है | जिसका उद्देश्य लोगों को योग के लिए प्रेरित करना है | भारत सरकार द्वारा विश्व स्तर पर अनेकों सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं |


योग दिवस 21 जून को क्यों मनाया जाता है?

जिस तरह से 21 जून को सबसे लंबा दिन होता है| उसी तरह योग को जीवन में अपनाने से लोगों की आयु लंबी होती है | 21 जून 2015 को विश्व भर में पहला योग दिवस मनाया गया , इस मौके पर हमारे देश में भारत सरकार और योग गुरु बाबा रामदेव द्वारा विशेष आयोजन किया गया | इस समारोह के मुख्य अतिथि  प्रधानमंत्री श्री मोदी जी थे |

कुछ बाबा के साथ 36000 लोगों ने राजपथ पर एक साथियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए उठाया पहला बड़ा कदम था | इस अवसर पर 35 मिनट तक योगाभ्यास  की गई | इस समारोह का अन्तर्राष्ट्रीय लाइव प्रसारण किया गया और 84 देश एक साथ जुड़े | योग भारती प्राचीन कला का एक अनूठा रूप है जो लोगों को तनाव मुक्त तथा स्वस्थ रखने में सहायक है |
वास्तव में योग जीवन का सार है |

योग से क्या लाभ है?

1.योग से शरीर स्वस्थ रहता है |
2.योग  तनाव मुक्त होने का साधन है |
3.योग से दिमाग तेज होता है |
4.योग से मानसिक शांति मिलती है|
5.योग से मधुमेह रक्तचाप स्वस्थ संबंधी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है|
6.योग से अध्यात्म  की प्राप्ति होती है जिसे केवल महसूस किया जा सकता है निरंतर अभ्यास करके |

योग के सामान्य नियम

1.योगाभ्यास खुली हवा में करना चाहिए |
2.प्रातः काल सूर्योदय के समय योग करना सबसे अधिक लाभदायक होता है |
3.योग के लिए चटाई का उपयोग करें |
4.योगाभ्यास करते समय एक दूसरे से बातें ना करें | योग करते समय ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें|
5.योगासन खाली पेट करें |
6.योग हमेशा पहले ही सरल योगाभ्यास से प्रारंभ करें |
7.योगाभ्यास आराम से धीरे धीरे करें  |
8.यदि आप किसी बीमारी से ग्रसित है तो एक बार डॉक्टर की सलाह अवश्य लें |

योग के प्रकार

राजयोग

इसका प्रतिपादन महर्षि पतंजलि ने किया था| राजयोग सात प्रकार के योग में सभी प्रकार के योगो  का राजा है |
पतंजलि के अष्टांग योग से संबंधित जो नियम है-     1.नियम
2.प्राणायाम
3.आसन
4.प्रत्याहार
5.धारणा
6.ध्यान
7.समाधि
स्वामी विवेकानंद ने पुस्तक राजयोग में योग विद्या का विस्तृत वर्णन किया है |

कर्मयोग –


इसका अभिप्राय अपने कर्म से हैं अर्थात मनुष्य को अपना कर्म करने से कभी भी पीछे नहीं हटना चाहिए | मनुष्य को अपने कर्तव्य का निर्वहन इमानदारी से करना चाहिए| मनुष्य के  पास जो भी दुख ,दर्द है वह उसके कर्म का फल है |  कर्मयोग का वर्णन  गीता में भी किया गया है|


भक्तियोग-


भक्ति से भगवान की पूजा पाठ करते हैं इसका मुख्य आधार ईश्वर के प्रति प्रेम और समर्पण से हैं |

योग क्यों जरूरी है?

वर्तमान समय में पूरा विश्व कोरोना महामारी की चपेट में है | बहुत सारे लोगों के कोरोनावायरस से अपना जान  गवाया | आज की भागदौड़ भरी जिंदगी मेंआधुनिक जीवन शैली अनिद्रा,  तनाव जैसी बीमारियों से ग्रसित है| अधिक समय तक फोन कंप्यूटर पर लगे रहना भी हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है|अनुचित जीवनशैली से शरीर के सिस्टम खराब रहेंगे |अनुचित  भोजन एवं खराब जीवनशैली की वजह से लोग तरह-तरह की बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं | यदि हमारा इम्यून सिस्टम खराब रहेगा तो कोई भी बीमारी हमें तुरंत हो जाएगी |

इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग करने के लिए आवश्यक है कि हम सब लोग योग करें | सीधे शब्दों में कहें तो आज जो हमारे सामने तरह-तरह की बीमारियां परेशानियां उत्पन्न हो रही हो ना शारीरिक और मानसिक तौर पर उसके बचने का एकमात्र उपाय योग है | अतः सभी को प्रतिदिन नियमित रूप से योग अभ्यास करना चाहिए |

FAQs


Q1. अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाता है?
A.  21 जून |

Q2. योग शब्द की उत्पत्ति किस भाषा से हुई?
A. संस्कृत से |

Q3. योग का जन्मदाता देश है?
A. भारत |

Q4.योग का जनक कौन है?

A. महर्षि पतंजलि |

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3 thoughts on “Yoga in Hindi | योग का अर्थ, प्रकार, और फायदे”

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